जयपुर। नारायण विहार थाना पुलिस ने सरकारी अधिकारी डॉ. मदन यादव पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी रमन मटोरिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 18 सितंबर की रात करीब 8 बजे डॉ. मदन यादव कॉलोनी में अपने घर के बाहर टहल रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार छह नकाबपोश बदमाशों ने लाठी-डंडों और सरियों से उन पर हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ सीन रिक्रिएशन किया। इसके बाद आसपास और संदिग्धों के संभावित रास्तों पर लगे सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले गए। BTS डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि डॉ. यादव का पड़ोसी सुभाष मटोरिया से पहले विवाद और कहासुनी हुई थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुभाष के भतीजे रमन मटोरिया की भूमिका सामने आई।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर डॉ. यादव की दिनचर्या और आने-जाने की जानकारी जुटाई और रैकी के बाद वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने रमन को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल वाहनों और हथियारों की बरामदगी तथा अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस टीम की भूमिका
थानाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मीना के नेतृत्व में नारायण विहार थाना टीम ने घटनास्थल की जांच और मुख्य अनुसंधान किया। उप निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार ने अनुसंधान अधिकारी के रूप में कार्रवाई आगे बढ़ाई। जिला विशेष टीम के प्रभारी विशम्भर सहित टीम ने आरोपियों की तलाश में सहयोग किया। तकनीकी शाखा के हेड कांस्टेबल रामसिंह और लोकेश ने तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में भूमिका निभाई। साइबर सेल, डीएसटी और थाना पुलिस के अन्य जवानों ने CCTV फुटेज, संदिग्धों की गतिविधियों और संभावित आरोपियों की पहचान में सहयोग किया।
Leave a comment