जयपुर। दीपावली के बाद शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के करीब 300 कचरा डिपो पर दोपहर तक कचरे के ढेर नजर आने की शिकायत सामने आई है। इसके चलते निगम के सफाई इंतजाम और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक दीपावली के दौरान अतिरिक्त सफाई व्यवस्था के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इसके बावजूद कई इलाकों में समय पर कचरा नहीं उठने से सड़क किनारे और कचरा डिपो पर ढेर लगे रहे। लोगों का कहना है कि त्योहार के बाद सफाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद थी, लेकिन कई जगह हालात इसके उलट दिखाई दिए।
मामले में उपायुक्त, सीएसआई और एसआई स्तर की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि अधिकारियों की नियमित निगरानी के बावजूद कई स्थानों से समय पर कचरा नहीं उठ पाया।
नगर निगम प्रशासन की ओर से सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने और फील्ड में निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। वहीं शहर में लगातार बढ़ रहे कचरे के ढेर को लेकर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की मांग भी तेज हो रही है।
दीपावली पर दो-दो अभियान, फिर भी हालात नहीं बदले
रिपोर्ट में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पिछले कई वर्षों के आंकड़ों का भी उल्लेख किया गया है। सवाल यह है कि यदि हर साल विशेष अभियान और अतिरिक्त संसाधनों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा, तो निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था को और प्रभावी क्यों नहीं बनाया जा रहा।
अब जरूरत सिर्फ सफाई अभियान चलाने की नहीं, बल्कि किस इलाके में कचरा समय पर नहीं उठा और इसके लिए कौन जिम्मेदार है—इसकी स्पष्ट जवाबदेही तय करने की है।
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