एसएमएस अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को रजिस्ट्रेशन से लेकर जांच और भर्ती तक अलग-अलग जगहों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। व्यवस्था ऐसी है कि कई मरीजों को इलाज से पहले ही करीब 1000 से ज्यादा कदम चलने की परेशानी उठानी पड़ रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मरीजों का रजिस्ट्रेशन, डॉक्टर को दिखाना, जांच और भर्ती की प्रक्रिया अलग-अलग स्थानों पर होने से अस्पताल परिसर में आवाजाही बढ़ रही है। खास तौर पर ओपीडी भवन और धन्वंतरि भवन के बीच मरीजों को बार-बार जाना पड़ता है।
स्थिति तब और मुश्किल हो जाती है, जब मरीज जांच कराने के बाद रिपोर्ट लेकर दोबारा संबंधित भवन में पहुंचता है। बुजुर्ग, गंभीर मरीज और उनके परिजनों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का कारण बन रही है।
BERA जांच के लिए 3 से 5 महीने की वेटिंग
सुनने की क्षमता जांचने वाली BERA जांच के लिए भी मरीजों को लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार कई मरीजों को तीन से पांच महीने बाद की तारीख मिल रही है। कुछ मरीज निजी सेंटरों पर करीब 1000 से 2000 रुपए खर्च कर जांच कराने को मजबूर हैं।
अस्पताल में रोजाना ओपीडी और जांच के लिए बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में अलग-अलग भवनों में सेवाएं होने से मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है।
एक ही जगह शिफ्ट करने की योजना
अस्पताल प्रशासन स्तर पर मरीजों की जांच और संबंधित प्रक्रियाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना पर काम किए जाने की बात सामने आई है। इसका उद्देश्य मरीजों को एक भवन से दूसरे भवन तक जाने की जरूरत कम करना है।
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