जयपुर। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत राजस्थान में पशुपालन के नाम पर दी गई करोड़ों रुपये की सब्सिडी को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ लाभार्थियों ने पशुपालन इकाइयों के नाम पर सब्सिडी हासिल की, लेकिन मौके पर जांच के दौरान वास्तविक स्थिति अलग मिली।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 91 लोगों को करीब 10 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। कई मामलों में रिकॉर्ड में बकरी फार्म, शेड और अन्य पशुपालन सुविधाएं दर्शाई गईं, जबकि मौके पर कुछ स्थानों पर सीमेंट की ईंटें बनाने की फैक्ट्री, लोहे की चद्दर बनाने का काम और अन्य गतिविधियां चलती मिलीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ फार्मों पर पशु नहीं मिले और दस्तावेजों में बताई गई व्यवस्थाएं भी मौके पर मौजूद नहीं थीं। मामले ने योजना के तहत होने वाली जांच और सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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