जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र में करीब 15 महीने से लापता चल रही सीमा चौधरी उर्फ मिंटू की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने उसके पति लालाराम और 20 वर्षीय बेटे हरिओम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल की है। आरोपियों की निशानदेही पर अचरावाला गांव के पास एक सुनसान सूखे कुएं से महिला का क्षत-विक्षत शव भी बरामद किया गया है।पुलिस जांच के अनुसार मिंटू 27 मई 2025 को घर से लापता हुई थी और उसी दिन उसका मोबाइल भी बंद हो गया था। करीब दो महीने बाद 21 जुलाई को उसके बेटे हरिओम ने मुहाना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। हालांकि, महिला के लंबे समय तक नहीं मिलने के बावजूद पति और बेटे की ओर से पुलिस से जानकारी लेने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। इसी बात ने जांच के दौरान पुलिस का शक दोनों पर बढ़ा दिया।पूछताछ में पति लालाराम ने बताया कि मिंटू अक्सर उसके और बेटे के साथ मारपीट करती थी। आरोप है कि वह बेल्ट से भी दोनों की पिटाई करती थी। पति को उसके किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने का भी शक था। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते करीब डेढ़ साल पहले दोनों ने सोते समय मिंटू का गला घोंट दिया। इसके बाद शव को कंबल में लपेटकर ऑटो में रखा और करीब चार किलोमीटर दूर अचरावाला के पास एक सुनसान कुएं में फेंक दिया।हत्या के बाद रिश्तेदारों से बचने के लिए आरोपियों ने अलग-अलग कहानी बताई। जब मिंटू के परिजन उसके बारे में पूछते तो कभी उसके तिहाड़ जेल में बंद होने तो कभी भरतपुर जेल में होने की बात कही जाती। उसकी बहन ने जब जेल प्रशासन से जानकारी ली तो दोनों जगह मिंटू के बंद होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद आरोपियों ने खुद को संदेह से दूर रखने के लिए थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।सीमा चौधरी उर्फ मिंटू को जयपुर में ‘लेडी डॉन’ के नाम से जाना जाता था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ 2009 से 2025 के बीच 11 से ज्यादा मामले दर्ज रहे, जिनमें कई मामले मारपीट से जुड़े थे। वह मूल रूप से टोंक के मालपुरा की रहने वाली थी। कम उम्र में मां की मौत के बाद उसका परिवार जयपुर के पास मदरामपुरा आ गया था। बताया जाता है कि करीब 15 साल की उम्र में उसने ऑटो चलाना शुरू कर दिया था और वर्ष 2009 में उसके खिलाफ पहला आपराधिक मामला दर्ज हुआ था।
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