24 सितंबर को प्रस्तावित थी बैठक, एक दिन पहले ही स्थगित हुई प्रक्रिया; एक वरिष्ठ अधिकारी को लेकर शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल
राजस्थान वन विभाग को जल्द नया मुखिया मिलने वाला था, लेकिन नियुक्ति की प्रक्रिया आखिरी समय पर रुक गई। PCCF-HoFF पद के लिए 24 सितंबर को होने वाली विशेष चयन समिति की बैठक को उससे ठीक एक दिन पहले स्थगित कर दिया गया। कार्मिक विभाग ने बैठक टालने के पीछे ‘अपरिहार्य कारण’ बताए हैं। हालांकि, बैठक की नई तारीख को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है।
बैठक के अचानक टलने के बाद सचिवालय से लेकर वन विभाग तक इस फैसले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि मौजूदा वन प्रमुख अरिजीत बनर्जी का कार्यकाल 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्ति के साथ समाप्त होना है। ऐसे में नए अधिकारी के चयन की प्रक्रिया समय रहते पूरी किए जाने की उम्मीद थी।
एक शिकायत ने बढ़ाई प्रशासनिक हलचल
सूत्रों के मुताबिक, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पीके उपाध्याय को लेकर एक शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचने की बात सामने आई है। शिकायत में अलवर और बारां से संबंधित वन विभाग के मामलों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच और उसके संचालन पर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायत में आरोप है कि करीब 21 करोड़ रुपये से जुड़े मामले की विजिलेंस जांच को प्रभावित करने की कोशिश हुई। हालांकि, ये आरोप शिकायत में लगाए गए हैं और इन्हें किसी न्यायिक फैसले के जरिए सिद्ध तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
कानूनी पत्र में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख
मामले में कोटा के अधिवक्ता तपेश्वर सिंह भाटी की ओर से मुख्य सचिव को कानूनी पत्र भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई है। पत्र में 2011 के सुप्रीम कोर्ट के पी.जे. थॉमस मामले का हवाला देते हुए गंभीर आरोपों या लंबित जांच वाले मामलों में शीर्ष प्रशासनिक नियुक्ति को लेकर कानूनी पहलुओं पर ध्यान देने की बात कही गई है।
अब किस ओर जाएगी चयन प्रक्रिया?
PCCF-HoFF पद के लिए पीके उपाध्याय के अलावा अनुराग भारद्वाज और शिखा मेहरा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि चयन समिति की बैठक दोबारा कब बुलाई जाएगी और सामने आई शिकायतों पर सरकार किस तरह विचार करेगी।
फिलहाल सरकार की ओर से नियुक्ति को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। इसलिए अगली बैठक और आधिकारिक आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
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