प्रतापगढ़। छोटी सादड़ी क्षेत्र में रेंजर प्रतापसिंह चुण्डावत की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिला पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ के निर्देशन में बुधवार को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपियों से जुड़ी जमीनों और संपत्तियों की जानकारी जुटाने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। विभागीय और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद दिनेश मोग्या द्वारा बेनामी और सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। वहीं प्रकाश धाकड़ और विक्रम धाकड़ के कब्जे वाली जमीन से भी अतिक्रमण हटाया गया। मुख्य आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा द्वारा आबादी क्षेत्र में बेनामी जमीन पर बनाए गए मकान को भी हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान फरार आरोपी लालू मोग्या द्वारा वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण पर बनाया गया कच्चा मकान भी ध्वस्त किया गया। पुलिस के अनुसार वहां अवैध रूप से लिया गया बिजली कनेक्शन भी हटाया गया। यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदेव सियाग और छोटी सादड़ी वृत्ताधिकारी रामेश्वरलाल के मार्गदर्शन में पुलिस तथा वन विभाग की संयुक्त टीम ने की। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित जमीनों के राजस्व एवं विभागीय दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
मुख्य आरोपी समेत छह गिरफ्तार, अवैध खनन की मशीनरी जब्त
रेंजर प्रतापसिंह चुण्डावत की मौत के मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा को 25 सितंबर को घोसुंडी जंगल से पकड़ा गया था। इसके बाद अवैध खनन से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्तता के संबंध में मिले तथ्यों के आधार पर प्रकाश धाकड़, हरिश धाकड़, विक्रम मोग्या, दिनेश मोग्या और नारायण मीणा को 27 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मामले की जांच अभी जारी है।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और छोटी सादड़ी तथा आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर डंपर का पता लगाकर उसे जब्त किया गया। पुलिस के मुताबिक अवैध खनन में इस्तेमाल जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर भी जब्त किए गए हैं। 21 सितंबर को सुक्कड़ वनखंड के मोहनपुरा तलाई के पास अवैध खनन की सूचना पर रेंजर प्रतापसिंह चुण्डावत वन विभाग की टीम के साथ पहुंचे थे। मौके पर जेसीबी, ट्रैक्टर और डंपर से जुड़ी गतिविधियां मिलने के बाद कार्रवाई की गई। इसी दौरान मिट्टी से भरा एक डंपर वहां से निकल गया। रेंजर ने उसका पीछा किया और घाटी वाले बालाजी मंदिर रोड पर उसे रोकने के दौरान हुई घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई।
इलाके में पुलिस-वन विभाग का फ्लैग मार्च
घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देने के लिए पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त फ्लैग मार्च भी निकाला। मार्च छोटी सादड़ी रेंज कार्यालय से शुरू होकर शहर के विभिन्न रास्तों से सुक्कड़ स्थित घटनास्थल, पीथलवड़ी, मोहनपुरा, सरवाणिया और धावड़ा मोड़ होते हुए छोटी सरवण तक पहुंचा। इसमें पुलिस और वन विभाग के अधिकारी तथा जवान शामिल रहे। पुलिस के अनुसार रेंजर हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
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