राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन मतदान की तारीख को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव नवंबर 2026 में होने की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल, सितंबर में प्रदेश के नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में मेयर, सभापति और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया चलने के कारण प्रशासनिक मशीनरी काफी व्यस्त रही। जिला कलेक्टर से लेकर एसडीएम और पुलिस अधिकारियों तक को निकाय चुनाव से जुड़े कामों में लगाया गया। इसका असर पंचायती राज चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ा।
आरक्षण प्रक्रिया पूरी, अब चुनाव कार्यक्रम का इंतजार
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर पर आरक्षण तय करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, प्रशासनिक व्यस्तताओं के चलते आरक्षण लॉटरी की निर्धारित समय-सारणी में बदलाव करना पड़ा। अब चुनाव कार्यक्रम जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान और जिला परिषद सदस्य पद के संभावित दावेदार सक्रिय हो चुके हैं। आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद कई क्षेत्रों में चुनावी समीकरण भी तेजी से बदलने लगे हैं।
हाईकोर्ट की समय सीमा पर नजर
पंचायत चुनाव को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा समेत अन्य याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत के सामने चुनाव प्रक्रिया को लेकर समयसीमा बताई गई।
सरकार ने अदालत को बताया कि प्रदेश में सभी पंचायती राज संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद हाईकोर्ट की ओर से भी समयसीमा का पालन करने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए।
ऐसे में अब नवंबर का पहला और दूसरा सप्ताह पंचायत चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी राजनीतिक हलचल
चुनाव की संभावित तारीख नजदीक आने के साथ ही गांवों में भी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। संभावित उम्मीदवार मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं और आरक्षण के अनुसार अपनी तैयारियां कर रहे हैं।
अब सभी की नजरें राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम पर हैं। आयोग की घोषणा के बाद ही मतदान की तारीख, नामांकन, जांच और मतदान से जुड़ी पूरी तस्वीर साफ होगी। फिलहाल नवंबर 2026 में पंचायत चुनाव होने की संभावना है, जबकि 15 नवंबर की समयसीमा इस पूरी प्रक्रिया में अहम बनी हुई है।
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