जयपुर/झुंझुनूं। राजस्थान के पंचायत चुनाव में सूरजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां कांग्रेस विधायक श्रवण के बेटे जयप्रकाश के नामांकन को लेकर कथित फर्जी कोर्ट आदेश इस्तेमाल किए जाने का आरोप सामने आया है। मामला सूरजगढ़ पंचायत समिति के वार्ड-7 से जुड़ा है।
जानकारी के मुताबिक जयप्रकाश पंचायत चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उनका नाम संबंधित पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज नहीं था। उनका नाम सूरजगढ़ नगर पालिका के वार्ड-25 की मतदाता सूची में बताया गया है। पंचायत चुनाव के लिए उन्होंने दूसरी जगह मतदाता के तौर पर नाम जोड़ने का आवेदन किया था, लेकिन निर्धारित समय निकल जाने के कारण नाम नहीं जुड़ पाया।
इसके बाद नामांकन के दौरान जयप्रकाश की ओर से हाईकोर्ट के आदेश का एक प्रिंट निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई। चुनाव अधिकारियों ने जब इसकी सत्यापित प्रति मांगी तो वह उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद नामांकन प्रक्रिया में उनका नाम आगे नहीं बढ़ सका और नामांकन निरस्त कर दिया गया।
मामले में सामने आया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और नामांकन स्वीकार करने से जुड़ी प्रक्रिया के लिए हाईकोर्ट की ओर से किसी आदेश का हवाला दिया गया था। हालांकि पड़ताल के दौरान संबंधित आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं होने से उसकी प्रामाणिकता पर सवाल खड़े हुए।
जयप्रकाश का कहना है कि उन्होंने नाम जोड़ने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। वहीं निर्वाचन अधिकारियों के स्तर पर मामले में निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा गया था।
इस पूरे प्रकरण ने पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया, मतदाता सूची और दस्तावेजों की सत्यता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब कथित फर्जी आदेश को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
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