जयपुर में कुल अपराध के मामलों में कमी दर्ज होने के बावजूद महिलाओं से जुड़े घरेलू विवाद और पारिवारिक हिंसा के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार शहर में अपराध के कुल मामलों में 1,753 की कमी आई है, लेकिन घर की चारदीवारी के भीतर महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा से जुड़े मामले बढ़े हैं।
पुलिस आंकड़ों के मुताबिक दुष्कर्म के मामलों में करीब 7.96 फीसदी और पॉक्सो के मामलों में 19.20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं घरेलू प्रताड़ना, दहेज और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़ों में यह बदलाव पुलिस के लिए भी अहम संकेत है। घरेलू विवादों में होने वाली शिकायतों में कई मामले ऐसे होते हैं, जिनमें पीड़िता लंबे समय तक परिवार और सामाजिक दबाव के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराती।
आंकड़ों में घर के भीतर होने वाली प्रताड़ना और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों की स्थिति को अलग से रेखांकित किया गया है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत, पुलिस हस्तक्षेप और पीड़ित महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
583 मामलों में बढ़ोतरी
रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू प्रताड़ना, दहेज और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में 583 मामलों की बढ़ोतरी हुई है। वहीं महिलाओं के खिलाफ अन्य अपराधों के कुछ मामलों में कमी भी दर्ज की गई है।
इससे साफ है कि शहर में अपराध की समग्र तस्वीर में सुधार के बावजूद परिवार और घर के भीतर होने वाले अपराध पुलिस के सामने अलग चुनौती बने हुए हैं।
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