जयपुर में परिवहन विभाग से जुड़ा एक मामला राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। आरोप है कि परिवहन अधिकारियों ने गलत चालान किया और शिकायत के बावजूद मामले में उचित सुनवाई नहीं हुई। आयोग ने परिवहन आयुक्त और जिला परिवहन अधिकारी से जवाब मांगा है।
मामला 5 जुलाई 2026 का है। हरियाणा नंबर के एक ट्रक HR65A6213 का रिफ्लेक्टिव टेप और रिफ्लेक्टिव पट्टी नहीं होने के आधार पर 2 हजार रुपए का चालान किया गया था। वाहन मालिक का दावा है कि ट्रक पर जरूरी रिफ्लेक्टिव सामग्री मौजूद थी। गलत चालान के कारण उसे 8500 रुपए जमा करने पड़े।
शिकायत के अनुसार, मामले में जयपुर के को-ऑडिटर ने भी परिवहन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों से सुनवाई नहीं होने के बाद उसे मानवाधिकार आयोग का रुख करना पड़ा।
इसी मामले में परिवहन विभाग से जुड़े एक अन्य विवाद में अधिकारियों पर कथित रूप से पैसे मांगने के आरोप भी सामने आए हैं। वायरल वीडियो में 10 हजार और 40 हजार रुपए की मांग किए जाने की बातें कही जा रही हैं। हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन आयुक्त और संबंधित डीटीओ से जवाब मांगा है। अब विभाग की जांच और जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चालान की कार्रवाई नियमों के मुताबिक थी या नहीं।
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