जयपुर। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस के भीतर की खींचतान चर्चा में है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और भरतपुर राजघराने से जुड़े नेता विश्वेंद्र सिंह की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। कांग्रेस से उनके निष्कासन की चर्चाओं के बीच सामने आए इस पोस्ट में उन्होंने पार्टी की मौजूदा कार्यशैली और कुछ नेताओं के बयानों पर खुलकर नाराजगी जताई है।
विश्वेंद्र सिंह ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा अपने इष्ट गिरिराज महाराज और अपनी अंतरात्मा की आवाज को प्राथमिकता दी है। उन्होंने हाल में कुछ नेताओं की ओर से दिए गए बयानों को अनर्गल बताते हुए कहा कि इससे उनके समर्थकों में भी नाराजगी है और वह स्वयं भी भीतर से दुखी और व्यथित हैं।
पोस्ट में विश्वेंद्र सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि जिस पार्टी के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया, उसी पार्टी में अगर उनकी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का ऐसा परिणाम मिलता है तो यह उनके लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने हमेशा मान-सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जिया है और अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस संकेत की हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि संभव है कि अब वह पार्टी की गलत रीति-नीति के साथ कदमताल नहीं कर पाएं। उनके इस बयान को कांग्रेस से दूरी बनाने की संभावित भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में सीधे तौर पर कांग्रेस से इस्तीफा देने की घोषणा नहीं की है।
विश्वेंद्र सिंह की पोस्ट ऐसे समय आई है, जब उनके खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई किए जाने की चर्चाएं चल रही हैं। इसी वजह से उनके बयान को राजस्थान कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, कांग्रेस के भरतपुर जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा ने विश्वेंद्र सिंह के इस्तीफा देने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें इस संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है।
ऐसे में विश्वेंद्र सिंह का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल उनकी फेसबुक पोस्ट ने कांग्रेस के भीतर और राजस्थान की सियासत में चर्चा जरूर तेज कर दी है।
Leave a comment