जयपुर। महज 15 साल की उम्र में दो पेटेंट हासिल करने वाले छात्र ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक खास तकनीकी नवाचार का दावा किया है। जयपुर के कक्षा 10वीं के छात्र ध्रुव शर्मा के हेल्थ टेक्नोलॉजी से जुड़े इस काम को लेकर अब केंद्र सरकार से पेटेंट भी प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है।
एक बूंद से सेहत की जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक विकसित तकनीक में लार और यूरिन की एक बूंद के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी स्थिति का पता लगाने का दावा किया गया है। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में करीब 30 से 90 सेकंड में जांच के नतीजे मिलने की बात कही गई है।
तकनीक का एक प्रमुख उपयोग यह बताया गया है कि इससे यह पहचानने में मदद मिल सकती है कि मरीज के इलाज में किस तरह के एंटीबायोटिक की जरूरत है। दावा है कि इसके लिए करीब 5 मिनट में पहचान संभव होगी।
गलत एंटीबायोटिक के इस्तेमाल पर रोक में मदद का दावा
स्वास्थ्य क्षेत्र में गलत या जरूरत से ज्यादा एंटीबायोटिक के इस्तेमाल को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है। ऐसे में यदि यह तकनीक अपने दावे के अनुसार प्रभावी साबित होती है, तो डॉक्टरों को उपचार के दौरान सही एंटीबायोटिक चुनने में मदद मिल सकती है।
ध्रुव शर्मा के इस नवाचार को लेकर पेटेंट मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि किसी भी नई चिकित्सा तकनीक के वास्तविक चिकित्सकीय उपयोग से पहले वैज्ञानिक परीक्षण और संबंधित नियामकीय मंजूरियां जरूरी होती हैं।
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