जयपुर। राजस्थान में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी के नेटवर्क में शामिल लोग दूसरों के बैंक खाते महज 8 से 10 हजार रुपये में किराए पर लेते थे और इन्हीं खातों में ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था।
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी अलग-अलग राज्यों में बैठे साइबर अपराधियों के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करते थे। इन खातों में ठगी की रकम आने के बाद उसे आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
18.5 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा
जांच में अब तक करीब 18.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी खंगालना शुरू कर दिया है।
आरोपियों के नेटवर्क की पहुंच कई राज्यों तक होने की बात सामने आई है। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है, जो इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए कर रहे थे।
तीन तरीकों से बना रहे थे शिकार
जांच में साइबर अपराधियों के ठगी करने के कई तरीके सामने आए हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट, फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर डराना और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों को जाल में फंसाना शामिल है।
साइबर ठगी के मामलों में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
20 गिरफ्तार, आगे भी कार्रवाई जारी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। बैंक खातों और संदिग्ध लेनदेन की जांच के साथ ठगी की रकम को ट्रेस करने का प्रयास भी जारी है।
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